Career Oriented Courses - ( रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम )


करियर इन मल्टीमीडिया




मल्टीमीडिया का अर्थ हैं अलग-अलग माध्यमों का एक नया साथ मिला-जुला संयुक्त उपयोग। ये अलग-अलग माध्यम विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं जैसे- लिखित सामग्री, रेखाचित्र, ग्राफिक्स, रंग फोटो, ध्वनि आदि।
मल्टीमीडिया में इन सभी माध्यमों को इस प्रकार उपयोग किया जाता हैं कि सम्बन्धित विषय वस्तु सजीव तथा गतिशील लगने लगती हैं। उदाहरण के लिए स्पीलवर्ग की फिल्म जुरासिक पार्क में इसी मल्टीमीडिया का प्रयोग किया गया हैं।
कम्प्यूटर के विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम हर जगह उपलब्ध हैं। जिसमें प्रोग्रामिंग अथवा यांत्रिकी से संबंधित पहलुओं की जानकारी दी जाती हैं। इसी क्षेत्र में एक नया पिछले कुछ वर्षों से ही जुड़ा हैं, जिसका नाम मल्टीमीडिया हैं। मल्टीमीडिया वास्तव में कम्प्यूटर का नया पाठ्यक्रम हैं जिसमें डिजाइनिंग से जुडे़ पहलुओं की सम्पूर्ण जानकारी दी जाती हैं इससे व्यक्ति मल्टीमीडिया का प्रयोग अनेक क्षेत्र में कर सकता हैं। चूंकि यह क्षेत्र बिल्कुल नया हैं और इसके लिए विशाल सेटअप की आवश्यकता पड़ती हैं, इस कारण गिनी-चुनी जगह ही मल्टीमीडिया पाठ्यक्रम अभी उपलब्ध हैं। इसका भविष्य अत्यंत स्वर्णिम है।
आज मल्टीमीडिया का प्रयोग हर ओर दिखाई देता हैं। चाहे टी.वी. के विज्ञापन हों अथवा छपाई अथवा फोटोग्राफी, हर जगह इसका असर अवश्य हैं। मल्टीमीडिया का स्वरूप् दिनोंदिन विस्तृत होता जा रहा हैं। इसी कारण मल्टीमीडिया उत्तम रोजगार दिलानें में सक्षम है। व्यक्ति मल्टीमीडिया कोर्स करने के बाद कोई भी क्षेत्र चुन सकता हैं-प्रकाश, छपाई, विज्ञापन, शिक्षा सम्बन्धी अथवा फिल्म निर्माण सम्बंधी। इसके बारे में इतना ही कहा जा सकता हैं कि यह कोर्स कर लेने पर व्यक्ति बेरोजगार नहीं रह सकता।
मल्टीमीडिया के कारण ही छपाई और प्रकाश का कायाकल्प हो गया हैं। डेस्क टाप पब्लिशिंग (डी.टी.पी.) के कारण अब बदलाव आया हैं। आज विज्ञापन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के बनने लगे हैं। इन्टरनेट पर भी दिये जाने लगे हैं। जिससे मल्टीमीडिया का उपयोग दिनोंदिन इस क्षेत्र में बढ़ रहा हैं। केबल व सेटेलाइट टी.वी. के कारण टी.वी. का क्षेत्र व्यापक हो गया हैं।
मल्टीमीडिया का उपयोग फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी खूब हो रहा हैं। कैमरा संगीत अथवा रोशनी की व्यवस्था की आवश्यकता हो, मल्टीमीडिया का सहारा अवश्य लिया जा रहा हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में इसका भरपूर उपयोग हो रहा हैं। सूचना फिओस्क को आज जीवन्त और मोहक ढंग से इस प्रकार प्रस्तुत किया जा सकता हैं कि लिखित सामग्री व तस्वीरें जीवन्त हो उठती हैं। विश्वविद्यालय प्रदर्शनी, बाजार, अस्पताल अथवा होटल में इन्हें भी लगाया जा सकता हैं।
मल्टीमीडिया पाठ्यक्रम करने के पश्चात् व्यक्ति निजी औद्योगिक इकाई अथवा कम्पनी में कार्य कर सकता हैं अथवा किसी बड़े व्यापार समूह में कार्य कर सकता हैं। यदि व्यक्ति इस पाठ्यक्रम के पश्चात् नौकरी न करना चाहे तो कम्प्यूटर रखकर अपना निजी कार्य कर सकता हैं। इस प्रकार फ्री लांसिंग करके भी अच्छी कमाई की जा सकती हैं।
इस पाठ्यक्रम के पश्चात् कैरियर को निम्न रूपों में संवारा जा सकता हैं--
एडवरटाइजिंग प्रोफेशनल, इंटरफेस डिजाइनर, विजुअलाइजर, कापीराइटर, साउंड एडीटर, ग्राफिक डिजाइन, वीडियो एडीटर, पब्लिशिंग प्रोफेशनल।

पाठ्यक्रम
मल्टीमीडिया से संबंधित पाठ्यक्रम कई प्रकार के हैं। प्रायः अलग-अलग संस्थानों में अलग-अलग पाठ्यक्रम हैं--
1.      डिप्लोमा इन मल्टीमिडया
2.      एडवांस डिप्लोमा इन मल्टीमीडिया
3.      सर्टीफिकेट कोर्स इन मल्टीमीडिया
4.      डिप्लोमा इन पब्लिशिंग
इन पाठ्यक्रमों को बाहरवीं परीक्षा के बाद किया जा सकता हैं। चाहे 12वीं परीक्षा किसी भी संकाय में उत्तीर्ण की हो।

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